दो दोस्त, एक जुनून….

एक, बचपन में, पढ़ाई के साथ ठेले पर पिताजी के साथ कचौरी और समोसे बनाकर बेचता था, दूसरा घरों में काम करता था। एक अपने पिताजी से खाना बनाना सीख रहा था, दूसरा घरों में काम करते हुए औरतों से। दोनो ने अपने रास्ते खुद बनाने की ठानी। दोनां ने साथ में और अलग-अलग देशभर में यात्राएं की। अपने जुनून की खोज में एक ने जड़ी-बूटी से इलाज, कबाड़ से जुगाड़ जैसी चीज़े करके देखीं, तो दूसरे ने नाटक और खेती करना सीखा। अंत में उन्हानें अपने जुनून को खोजा अपने बचपन में, खाना बनाने में, जिसे वे बचपन से करते आये थे। यह कहानी हैं सन्नी और मनोज की।…

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बरगद की जड़ें

अन्वेषक: रोहित जैन व्यवसाय: जैविक खेती स्थान: उदयपुर,राजस्थान हमें बचपन से बताया जाता है कि हमें नागरिकों और पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर जीना चाहिए परंतु, बहुत कम ऐसे लोग है जो इस तरह की जीवनशैली को जी रहे हैं। मेरा यह प्रयोग ऐसे लोगों की कहानियों को, जो इस तरह का जीवन जी रहे है, समझने का एक प्रयास है। इसी तरह की एक कहानी को समझने का सुनहरा अवसर मुझे अपनी उदयपुर यात्रा के दौरान प्राप्त हुआ। यह कहानी है रोहित जैन की, गाँव मे जन्मे, उदयपुर और पुणे से शिक्षा प्राप्त करने वाले रोहित जैन शैक्षणिक रूप से IT पेशेवर है। पढाई के समय से ही उनका…

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